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बुधवार, 17 जनवरी 2018

बसंत पंचमी

ज्ञन के बिना संसार अधूरा है ,, बिवेक भी जरूरी

ब्रहम्मा जी ने जो सोचकर मां सरस्वती को सृष्टि में प्रकट किये वो समझने की बात है।
ज्ञान के बिना संसार अधूरा है । ज्ञान ही संस्कार और संस्कृति कि धारा प्रांराभिक बिन्दू है।
बिवेक बुद्धी के बिना सूखी और सम्पन्न जिवन की कल्पना भी मुश्किल है।
बसंत पंचमी एक खास दिन है अपने भीतर ज्ञान के प्रकाश को फ़ैलाने का ।
इसलिए सरस्वती पूजा अनिवार्य है।


बसंत पंचमी सरस्वती पूजन प्राकृति के उत्सव का ही दिन नहीं है।
ये दीन है इस बात के महत्त्व को समझने का मानव जीवन में कैसे ज्ञान के प्रकाश लाया जाए।
मां सरस्वती के स्वरुप में ज्ञान कि परीभाषा से लेकर उसकी प्राप्ति की साधन तक दिये है।
हमें जरूरत है सिर्फ समझने की।


अगर बसंत पंचमी पर मां सरस्वती पूजन के साथ उनके स्वरूप और ज्ञान के महत्त्व को समझ लिया जाय।
ज्ञान पाने की लालसा को बढ़ाया जाए तो हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।


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